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Showing posts with the label Sarwar Hussain Naqshbandi
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वाह क्या जूद-ओ-करम है शह-ए-बतहा तेरा / Wah Kya Jood-o-Karam Hai Shah-e-Batha Tera

वाह क्या जूद-ओ-करम है, शह-ए-बतहा ! तेरा नहीं सुनता ही नहीं माँगने वाला तेरा धारे चलते हैं 'अता के वो है क़तरा तेरा तारे खिलते हैं सख़ा के वो है ज़र्रा तेरा फ़ैज़ है, या शह-ए-तसनीम ! निराला तेरा आप प्यासों के तजस्सुस में है दरिया तेरा अग़्निया पलते हैं दर से वो है बाड़ा तेरा अस्फ़िया चलते हैं सर से वो है रस्ता तेरा फ़र्श वाले तेरी शौकत का 'उलू क्या जानें ख़ुसरवा ! 'अर्श पे उड़ता है फरेरा तेरा आस्माँ ख़्वान, ज़मीं ख़्वान, ज़माना मेहमान साहिब-ए-ख़ाना लक़ब किस का है तेरा तेरा मैं तो मालिक ही कहूँगा कि हो मालिक के हबीब या'नी महबूब-ओ-मुहिब में नहीं मेरा तेरा तेरे क़दमों में जो हैं ग़ैर का मुँह क्या देखें कौन नज़रों पे चढ़े देख के तल्वा तेरा बहर-ए-साइल का हूँ साइल न कुँएँ का प्यासा ख़ुद बुझा जाए कलेजा मेरा छींटा तेरा चोर हाकिम से छुपा करते हैं याँ इस के ख़िलाफ़ तेरे दामन में छुपे चोर अनोखा तेरा आँखें ठंडी हों, जिगर ताज़े हों, जानें सैराब सच्चे सूरज वो दिल-आरा है उजाला तेरा दिल 'अबस ख़ौफ़ से पत्ता-सा उड़ा जाता है पल्ला हलका सही भारी है भरोसा तेरा एक मैं क्या मेरे 'इस्या...

सोया हुआ नसीब जगाने की रात है | अपने ख़ुदा को आज मनाने की रात है / Soya Hua Naseeb Jagane Ki Raat Hai | Apne Khuda Ko Aaj Manane Ki Raat Hai

सोया हुआ नसीब जगाने की रात है अपने ख़ुदा को आज मनाने की रात है हर-सू बरस रही है 'अताओं की बारिशें दस्त-ए-दु'आ को आज उठाने की रात है दोनों जहाँ की रिफ़'अतें इस के तुफ़ैल हैं अपना सर-ए-नियाज़ झुकाने की रात है तीरा-दिलों में इस से ही आएगी रौशनी ज़िक्र-ए-ख़ुदा की शम'अ जलाने की रात है दिल की ज़मीं को अश्कों से सैराब कीजिए दस्त-ए-अमल में फूल खिलाने की रात है उतरेगा इस के दम से सभी मा'सियत का ज़ंग आँसू नदामतों के बहाने की रात है सरवर ! बसा के अपने दिलों में ख़ुदा का ख़ौफ़ हर एक रंज-ओ-ग़म को मिटाने की रात है शायर: सरवर हुसैन नक़्शबंदी ना'त-ख़्वाँ: सरवर हुसैन नक़्शबंदी soya huaa naseeb jagaane ki raat hai apne KHuda ko aaj manaane ki raat hai har-soo baras rahi hai 'ataao.n ki baarishe.n dast-e-du'aa ko aaj uThaane ki raat hai dono.n jahaa.n ki rif'ate.n is ke tufail hai.n apna sar-e-niyaaz jhukaane ki raat hai teera-dilo.n me.n is se hi aayegi raushani zikr-e-KHuda ki sham'a jalaane ki raat hai dil ki zamee.n ko ashko.n se ...

हमारी हो निगहबानी ब-हक़्क़-ए-शाह-ए-जीलानी | इलाही ख़ैर गर्दानी ब-हक़्क़-ए-शाह-ए-जीलानी / Hamari Ho Nigehbani Ba-haqq-e-Shah-e-Jilani | Ilahi Khair Gardani Ba-haqq-e-Shah-e-Jilani

Ilahi Khair Gardani Bahaq-e-Shah-e-Jilani Lyrics in Hindi & English हमारी हो निगहबानी, ब-हक़्क़-ए-शाह-ए-जीलानी इलाही ! ख़ैर गर्दानी, ब-हक़्क़-ए-शाह-ए-जीलानी मेरे मौला ! 'अता करना हमेशा इस वसीले से हर इक मुश्किल में आसानी, ब-हक़्क़-ए-शाह-ए-जीलानी तू मालिक है ख़ज़ानों का, करम से दूर फ़रमा दे हमारी तंग-दामानी, ब-हक़्क़-ए-शाह-ए-जीलानी ख़ुदाया ! दीन-ओ-दुनिया की हर इक ने'मत 'अता कर दे ब-हक़्क़-ए-शाह-ए-जीलानी, ब-हक़्क़-ए-शाह-ए-जीलानी ज़माना देख कर हैरान है, हम लोग करते हैं गदाई में भी सुल्तानी, ब-हक़्क़-ए-शाह-ए-जीलानी ब-रोज़-ए-हश्र दाएँ हाथ में आ'माल-नामा हो रहे पुर-नूर पेशानी, ब-हक़्क़-ए-शाह-ए-जीलानी हमारी ख़स्ता-हाली पर, ख़ुदाया ! तेरी रहमत की रहे हर दम फ़रावानी, ब-हक़्क़-ए-शाह-ए-जीलानी वसीला भी ज़रूरी है, जभी सरवर ! ये कहते हैं इलाही ! ख़ैर गर्दानी, ब-हक़्क़-ए-शाह-ए-जीलानी शायर: सरवर हुसैन नक़्शबंदी ना'त-ख़्वाँ: सरवर हुसैन नक़्शबंदी hamaari ho nigehbaani, ba-haqq-e-shaah-e-jeelaani ilaahi ! KHair gardaani, ba-haqq-e-shaah-e-jeelaani mere maula ! 'ata kar...

दिलों के गुलशन महक रहे हैं ये कैफ़ क्यूँ आज आ रहे हैं / Dilon Ke Gulshan Mehak Rahe Hain Ye Kaif Kyun Aaj Aa Rahe Hain

दिलों के गुलशन महक रहे हैं, ये कैफ़ क्यूँ आज आ रहे हैं कुछ ऐसा महसूस हो रहा है, हुज़ूर तशरीफ़ ला रहे हैं नवाज़िशों पर नवाज़िशें हैं, 'इनायतों पर 'इनायतें हैं नबी की ना'तें सुना सुना कर हम अपनी क़िस्मत जगा रहे हैं कहीं पे रौनक़ है मय-कशों की, कहीं पे महफ़िल है दिल-जलों की ये कितने ख़ुश-बख़्त हैं जो अपने नबी की महफ़िल सजा रहे हैं न पास पी हो तो सूना सावन, वो जिस पे राज़ी वही सुहागन जिन्हों ने पकड़ा नबी का दामन, उन्हीं के घर जगमगा रहे हैं कहाँ का मंसब, कहाँ की दौलत, क़सम ख़ुदा की ! ये है हक़ीक़त जिन्हें बुलाया है मुस्तफ़ा ने वही मदीने को जा रहे हैं हबीब-ए-दावर, ग़रीब-परवर, रसूल-ए-अकरम, करम के पैकर किसी को दर पे बुला रहे हैं, किसी के ख़्वाबों में आ रहे हैं मैं अपने ख़ैर-उल-वरा के सदक़े, मैं उन की शान-ए-'अता के सदक़े भरा है 'ऐबों से मेरा दामन, हुज़ूर फिर भी निभा रहे हैं गदा की औक़ात है ही कितनी, हक़ीक़तन है ये बात इतनी ख़ुदा है देता नबी का सदक़ा, नबी का सदक़ा ही खा रहे हैं जहाँ पे मैं अब खड़ा हुआ हूँ, ये ज़िक्र-ए-सरवर की बरकतें हैं मैं उन का मुश्ताक़ हूँ अज़ल से, जो सब की बिगड़ी बना रहे ...

दिल उल्फ़त-ए-सरकार बसाने के लिए है / Dil Ulfat-e-Sarkar Basane Ke Liye Hai

दिल उल्फ़त-ए-सरकार बसाने के लिए है जाँ आप की हुर्मत पे लुटाने के लिए है दिल कहने लगा करते ही रौज़े का नज़ारा ये नक़्श तो आँखों में सजाने के लिए है कितनी बड़ी ने'मत है ये आक़ा का वसीला बंदों को जो मौला से मिलाने के लिए है आती है जो आँखों में नमी ना'त से पहले ये मदह के आदाब सिखाने के लिए है पैग़ाम सुनाती है यही आया-ए-ततहीर 'इज़्ज़त मेरे आक़ा के घराने के लिए है हम उम्मती उन के हैं तो कैसे रहें महरूम जब उन का करम सारे ज़माने के लिए है सरवर ! जो बुलावा नहीं आया कई दिन से ये तेरी तलब और बढ़ाने के लिए है शायर: सरवर हुसैन नक़्शबंदी ना'त-ख़्वाँ: सरवर हुसैन नक़्शबंदी dil ulfat-e-sarkaar basaane ke liye hai jaa.n aap ki hurmat pe luTaane ke liye hai dil kehne laga karte hi rauze ka nazaara ye naqsh to aankho.n me.n sajaane ke liye hai kitni ba.Di ne'mat hai ye aaqa ka waseela bando.n ko jo maula se milaane ke liye hai aati hai jo aankho.n me.n nami naa't se pehle ye mad.h ke aadaab sikhaane ke liye hai paiGaam sunaati hai yahi aaya-e-tat.heer ...

ऐ सबा सरकार की बातें सुना / Aye Saba Sarkar Ki Baatein Suna

ऐ सबा ! सरकार की बातें सुना सय्यिद-ए-अबरार की बातें सुना मैं दुरूदों के हूँ नग़्मे छेड़ता तू मुझे सरकार की बातें सुना फिर महक उट्ठे मेरे ज़ख़्मों के फूल नूर की, गुलज़ार की बातें सुना सब्ज़ गुंबद और सुनहरी जालियाँ मसदर-ए-अनवार की बातें सुना जिस से हासिल हो सुकून-ए-दिल मुझे हाँ ज़रा उस यार की बातें सुना हम न जाने कब मदीने जाएँगे तू मेरे मन-ठार की बातें सुना मैं पढ़ूँ विज्दान में सल्ले-'अला प्यार से तू प्यार की बातें सुना हम को दोज़ख़ से न, ऐ वा'इज़ ! डरा रहमत-ए-ग़फ़्फ़ार की बातें सुना जिस का सदक़ा माँगते हैं दो जहाँ उस सख़ी दरबार की बातें सुना जिस ने बाँटे 'उम्र-भर उम्मत के ग़म मूनिस-ओ-ग़म-ख़्वार की बातें सुना शायद आ जाएँ कभी वो ख़्वाब में वस्ल की, दीदार की बातें सुना है, नियाज़ी ! दम में जब तक दम तेरे अहमद-ए-मुख़्तार की बातें सुना शायर: मौलाना अब्दुल सत्तार नियाज़ी ना'त-ख़्वाँ: अफ़ज़ल नोशाही सरवर हुसैन नक़्शबंदी ai saba ! sarkaar ki baate.n suna sayyid-e-abraar ki baate.n suna mai.n duroodo.n ke hu.n naGme chhe.Dta tu mujhe sarkaar ki baate.n suna...

हमारी साँसें रवाँ हैं जब तक नबी की मदह-ओ-सना करेंगे / Hamari Sansen Rawan Hain Jab Tak Nabi Ki Madh-o-Sana Karenge

हमारी साँसें रवाँ हैं जब तक, नबी की मदह-ओ-सना करेंगे रगों में जब तक लहू रवाँ है, नबी नबी हम सदा करेंगे ज़माने भर की हर एक ने'मत उन्हीं के सदक़े ख़ुदा ने दी है गर उन की 'इज़्ज़त पे हर्फ़ आया, हम अपनी 'इज़्ज़त को क्या करेंगे जो दिल से नामूस-ए-मुस्तफ़ा को तुम आज भी हिर्ज़-ए-जाँ बना लो यक़ीन कर लो कि हम-नवाई तुम्हारी अर्ज़-ओ-समा करेंगे ये दीन-ओ-दुनिया की सरफ़राज़ी जो चाहते हो ख़ुदा से अपने तो सिद्क़-ए-दिल से ये अहद कर लो कि हम नबी से वफ़ा करेंगे ख़ुदा गवाह इस की क़द्र-ओ-क़ीमत का 'इल्म होगा ब-रोज़-ए-महशर जो अपने बच्चों में आज पैदा मोहब्बत-ए-मुस्तफ़ा करेंगे वो लाख पर्दों में छुप के बैठें तो ढूँढ लेगा कोई दीवाना ये भूल जाएँ नबी के दुश्मन कि चैन से वो जिया करेंगे वो जिन के दस्त-ए-करम में हक़ ने शफ़ा'अतों का 'अलम दिया है हम उस नबी के हैं नाम-लेवा, उन्हीं पे तन मन फ़िदा करेंगे ख़ुदा ने भेजा है उन को, सरवर ! बना के दोनों जहाँ की रहमत ये जाँ मिली है उन्हीं के सदक़े, उन्हीं की ख़ातिर फ़िदा करेंगे शायर: सरवर हुसैन नक़्शबंदी ना'त-ख़्वाँ: सरवर हुसैन नक़्शबंदी hamaar...

या नबी सलाम अलैका / Ya Nabi Salam Alaika | Ya Nabi Salam Alayka (All Popular Versions)

Ya Nabi Salam Alaika Lyrics in Hindi & English या नबी सलाम 'अलैका ! या रसूल सलाम 'अलैका ! या हबीब सलाम 'अलैका ! स़लवातुल्लाह 'अलैका ! रहमतों के ताज वाले ! दो-जहाँ के राज वाले ! 'अर्श की मे'राज वाले ! 'आसियों की लाज वाले ! या नबी सलाम 'अलैका ! या रसूल सलाम 'अलैका ! या हबीब सलाम 'अलैका ! स़लवातुल्लाह 'अलैका ! दिल को रास भी तुम्हीं हो ग़म-शनास भी तुम्हीं हो दिल की आस भी तुम्हीं हो दिल के पास भी तुम्हीं हो या नबी सलाम 'अलैका ! या रसूल सलाम 'अलैका ! या हबीब सलाम 'अलैका ! स़लवातुल्लाह 'अलैका ! त़ल'अल-बद्रु 'अलैना मिन स़निय्यतिल-वदा'इ वजब-श्शुक्रु 'अलैना मा द'आ लिल्लाहि दा'ई या नबी सलाम 'अलैका ! या रसूल सलाम 'अलैका ! या हबीब सलाम 'अलैका ! स़लवातुल्लाह 'अलैका ! जान कर काफ़ी सहारा ले लिया है दर तुम्हारा ख़ल्क़ के वारिस ! ख़ुदा-रा लो सलाम अब तो हमारा या नबी सलाम 'अलैका ! या रसूल सलाम 'अलैका ! या हबीब सलाम 'अलैका ! स़लवातुल्लाह 'अलैका ! अज़-तुफ़ैल-...